Saale ki biwi chut ki pyaasi

0
16082

हेलो दोस्तों, ये बात बहुत ज्यादा पुरानी नहीं है और एक दम सच्ची है. दोस्तों, मेरा नाम संजय है और मेरी उम्र ३४ साल है. मैं सेक्स का बहुत ठरकी हु और कोई ना कोई एक्सपेरिमेंट करता रहता हु. मेरा जितना सेक्स में इंटरेस्ट ज्यादा है, मेरी बीवी उतनी ही ठंडी है. वो सेक्स करती है. लेकिन सिर्फ मुझे खुश करने के लिए. अदरवाइज, उसका बस चले, तो वो सेक्स ही ना करे. मुझे तो समझ नहीं आता, कि कोई भी लड़की अपनी चूत को चुद्वाए बैगेर कैसे रह सकती है. ख़ैर मेरी किस्मत. लेकिन मेरी किस्मत उतनी बुरी भी नहीं है.

क्योंकि मुझे कोई ना कोई गरम बदन की तपिश से खेलने को मिल ही जाता है. चलिए आपको बोर नहीं करते हु ज्यादा. अब मैं सीधे स्टोरी पर आता हु. बच्चो की गर्मियों की छुट्टिया चल रही थी और मेरा साला अपनी फॅमिली के साथ हमारे घर पा आया था.

वो तीन लोग है. मेरा साला, उसकी बीवी और उनकी एक ३ साल बेटी. मेरे साले की बीवी का सिमी है और वो बहुत ही गरम माल है. जब उसकी शादी हुई थी, मैं तो उस पर तभी से फ़िदा था और मुझे कहीं ना कहीं अंदाज़ा था, कि साले को माल जबरदस्त मिला है. उसकी पुष्टि भी हो गयी, जब वो लोग हनीमून से आये और बहुत खुश थे और उनके सेक्स पिक्चर भी हम लोगो ने देखी. मेरा लंड तो उसको देख कर एकदम से सलामी देने लगता था. उनकी शादी को ३ साल हो चुके थे. बच्चा भी पैदा हो गया था. लेकिन साले जी का एक जबरदस्त एक्सीडेंट हो गया था और उसमे उनका टूल ख़राब हो गया था. उन में बहुत ज्यादा कुछ करने की ताकत नहीं बची थी. अगर वो कोशिश भी करते थे, तो उनकी तबियत ख़राब हो जाती थी. फिर घर में सबने उनको सहला दी, कि ज्यादा प्रॉब्लम करने की जरूरत नहीं है. लाइफ की अहमयित ज्यादा है.

लेकिन, सिमी बेचारी के अरमानो का तो जैसे खून ही हो चूका था. लेकिन एक बच्चा होने की वजह से उसने भी कण्ट्रोल कर लिया था. हम लोगो के घर आने के बाद, मेरा रिश्ता तो उसके साथ मजाक का बनता ही था और मैंने वही रिश्ता रखा भी. मैंने उसको सिद्यूज़ करने का कोई मौका नहीं छोड़ा और उसको ये अहसास करवाया, कि जिस आग में वो तड़प रही है. मैं भी उसी कश्ती में सवार हु. वो कुछ – कुछ मेरी बातो को समझने लगी थी और बोल देती थी – “जीजा जी, बस आप भी. भड़काओ मत. कण्ट्रोल छुट जाएगा”. मैं बोल देता था – तो छुटने दो. मैं भी उसी कश्ती में सवार हु, जिसमे तुम हो. तो मेरी इस बात पर वो आश्चर्य कर जाती थी. एक दिन शायद उसने मेरी बीवी से पूछ लिया था और उसको ये कन्फर्म हो गया था, कि मेरे सेक्स की हवस को बुझाना मेरे बीवी के बस का नहीं है. अब वो भी धीरे – धीरे मेरी तरह आकर्षित होने लगी थी.

अचानक से साले को २ दिन के लिए ऑफिस के काम से बाहर जाना था. तो उसने कहा – मैं काम करके यहीं वापस आ जाऊँगा. वापस जाकर क्या करेंगे अभी. वो चले गया और मुझे थोड़ा सा स्पेस और मिल गया. किस्मत शायद मेरे साथ थी, कि मेरी बीवी की तबियत अचानक से ख़राब हो गयी और मेरे साले की बीवी ने सारी जिम्मेदारी ले ली. डॉक्टर ने उसको जो दवाई दी थी. उसकी वजह से वो ज्यादातर टाइम सोते ही रहते थी. बच्चे या तो टीवी देख रहे होते थे या खेल रहे होते थे. मैंने इस मौके का फायदा उठाया और अब मजाक में उसका हाथ भी पकड़ लेता था या उसको टच कर देता था. वो मुझे कुछ नहीं कहती थी, बस मुस्कुरा देती थी. मुझे लगा, की मामला क्लियर है और फिर मैंने एक दिन जब बच्चे और बीवी दो गये थे और किचन को खतम कर रही थी.

मैंने उसके पीछे चुपके से गया और उसको पकड़ लिया और अपनी बाहे उसकी कमर में कस दी. वी चौक गयी और बोली – क्या कर रहे है आप? छोडिये… मैंने कहा – छोड़ने के लिए थोड़ी पकड़ा है. मुझे मालूम है, कि तुम बहुत प्यासी हो और मैं भी बहुत दिनों से प्यासा हु. आज मुझे तुम में डूब जाने दो और खुद को मुझ में दुबोलो. वो बोली – ये गलत है. किसी को पता चल गया तो? मैंने कहा – किस को पता चलेगा? सब सो रहे है और बस तुम और मैं ही जागे है और वो भी प्यासे. मैंने उसको और कुछ कहने का मौका नहीं दिया और उसकी गर्दन पर अपने होठो को रख दिया और चूमने लगा. वो मेरी बाहों में कसमसाने लगी और उसके मुह से सिस्कारिया निकलने लगी.. अहः अहहाह अहहाह अहहाह… क्या कर रहे है. उसने अपने हाथो को मेरे गालो को सहलाना शुरू कर दिया. फिर उसने अपने एक हाथ मेरे गाल पर रखा और दूसरा मेरे लंड पर पंहुचा दिया और दबाने लगी.

वो बोली – बहुत जबरदस्त है आपका. बहुत ही प्यासी हु मैं. प्लीज मेरी प्यास को बुझा दो ना.. मैं तड़प रही हु और मर रही हु. किसी को मेरी चिंता नहीं है. मैंने उसको एकदम से अपनी बाहों में उठाया और उसको गेस्ट रूम में जाकर बेड पर पटक दिया. वो जंगली बिल्ली की तरह मेरे लंड पर टूट पड़ी और एकदम से मेरे लोअर को और अंडरवियर को एकसाथ उतार दिया और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी. वो मेरे लंड दबा रही थी और मसल रही थी. मुझे उसकी बैचेनी का मज़ा आ रहा था. मैंने उसके मुह को पकड़ और उसको चूमना शुरू कर दिया. उसने बोला – जीजा जी, एक बार डाल दो. बाकी सब बाद में कर देना. प्लीज… बाब नहीं कण्ट्रोल हो रहा है. मैंने समझ गया, कि लंड को देख कर इसके सब्र का बांध टूट रहा है. मैंने उसको एकदम नंगा किया और खुद भी नंगा हो गया. फिर मैंने उसको बेड पर धक्का मारा और ६९ की पोजीशन में आ गया और उसके मुह में अपने लंड को घुसा दिया और अपना मुह उसकी चूत पर लगा दिया… उसके मुह से एकदम से अहहहाहह्हहः निकलने लगी.

वो भी मेरे लंड को जबरदस्त तरीके से चूम रही थी और चाट रही थी. कुछ देर के बाद, वो एकदम से बेसब हो गयी और उसने मुझे धक्का मार दिया और एकदम से मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गयी और मेरे लंड अपने हाथ से मसलने लगी और फिर एकदम से उसने मेरे लंड को अपने हाथ से सीधा किया और अपनी चूत को एकदम से उसके ऊपर रख कर बैठ गयी धम्म से.. बाप रे… क्या जबरदस्त टाइट चूत थी. मुझे लगा ही नहीं, कि वो एक बच्चे की माँ भी है. खूब तेजी से वो मेरे ऊपर उछल रही थी और मेरे लंड उसकी चूत में फकाफक उसकी चूत में अन्दर जा रहा था. कुछ देर बाद, उसकी स्पीड तेज हो गयी और वो अहहाह अहहाह अहहाह अहः अहः अहहाह करके चिल्ला रही थी और अपने बूब्स को बहुत जोर से दबा रही थी. फिर वो एकदम से झड गयी और निढाल होकर मेरे ऊपर गिर गयी. उसने मेरे चेहरे को पकड़ा और मुझे चूमने लगी. उसके चेहरे से पसीना आ रहा था और फिर कुछ देर के बाद, उसने मेरे लंड को पकड़ा और उसको चूसने लगी और एकदम से खड़ा कर दिया और फिर से हमने सेक्स किया..

उस रात हमने ४ बार सेक्स किया और मैंने उसको ४थ बार में १ घंटे तक चोदा और उसकी चूत और गांड दोनों की मस्त चुदाई की. फिर तो जब तक मेरा साला नहीं आ गया. मैंने उसको रोजाना रात को बजाय और मज़ा किया… अब तो मैं मौका निकाल कर उसके घर चले जाता था और उसकी जैम कर चुदाई करता था. अब हम दोनों बहुत खुश है…