गांड फाड़ चूत चुदाई

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हेल्लो दोस्तो, मैं मोहित जालंधर से अपनी एक नई कहानी लेकर हाज़िर हूँ, मेरी पहली कहानी को आपने बहुत प्यार दिया, उसके लिए आप सबका बहुत धन्यवाद ! मेरी यह कहानी मेरी कॉलेज की एक दोस्त के साथ मेरे सेक्स संबंध के ऊपर है और यह बिल्कुल सच है मेरी कोई कहानी झूठी नहीं होती।

हमारे कॉलेज में एक लड़की थी कपूरथला की, वो भी इंजीनियरिंग में थी, काफी मोटी। लटकते मोम्में और बड़े बड़े से चूतड़ ! शक्ल से वो बहुत चालू लगती थी, या पता नहीं, मेरे को ही लगती थी। जब वो कॉलेज आई तो मेरा आखरी साल था, उसके बाद ट्रेनिंग, कब समय निकल गया मुझे पता भी नहीं चला, मेरा कॉलेज समाप्त हो गया।

एक दिन मुझे कॉलेज से कोई जरूरी कागज लेने कॉलेज जाना पड़ा। मुझे कॉलेज से दोपहर तक का समय मिला तो मैं समय बिताने के लिए कॉलेज की कैंटीन में बैठ गया, मैंने देखा कि वो मोटी भी वहीं थी। पहले से काफी बदलाव आ गये थे उसमें, उसके चूतड़ और बड़े हो गए थे और मोम्मे भी। मुझे कॉलेज की हर लड़की जानती थी तो कई बार उससे भी मिला था। उसने मुझे हाय कहा, मैंने भी सोचा यह आखरी मौका है, हाथ से नहीं गंवाना चाहिए, मैं उसके साथ जाकर बैठ गया।



उसके पास लैपटॉप था। हमने बातें करनी शुरु कर दी, फ़िर थोड़ी देर बाद हम कॉलेज के बग़ीचे में आकर बैठ गए। वो काफी हंसमुख थी और काफी खुली बातें कर रही थी। मुझे बहुत अछा लगा, मैंने उससे काफी गर्म गर्म बातें करनी शुरु कर दी और अपने मोबाइल के इन्बोक्स के मैसेज उसे पढ़वाने शुरु कर दिए।

फ़िर मेरे कागज के मिलने का समय हो गया, मैं उसके साथ कागज ले आया और हम वापिस आ गए।

उसने मुझे कहा- आप मुझे बस स्टैंड तक छोड़ देंगे?

मैंने कहा- ठीक है !

मैं और वह एक ऑटोरिक्शा में बैठ गए, वो बिल्कुल मेरे साथ चिपक कर बैठ गई। मैं समझ गया कि वो क्या चाहती है, मैंने ऊपर ऊपर से उसकी जांघों पर अपनी जांघ चढ़ानी शुरू कर दी, वह बहुत गर्म थी मुलायम मुलायम, मैंने उसकी जांघों को सहलाना शुरू कर दिया।

बस स्टैंड आ गया, मैंने कहा- अगर तुम्हें दूसरी बस मिल सकती है तो ले लेना, हम थोड़े देर इन्टरनेट कैफे में बैठ जाते हैं।

वो मान गई, मैं उसे इन्टरनेट कैफे में ले गया केबिन वाले में.. हम दोनों अंदर जाकर अश्लील बातें करने लगे।

मैंने पूछा- तुमने कभी सेक्स किया?

उसने बताया- कई बार ! परंतु जब से कॉलेज आई हूँ किया ही नहीं !

मैंने यह सुनते सुनते एक पोर्न साईट खोल दी, वो देखने लगी। मैंने उसके मोम्मे दबाने शुरु कर दिए। वो सिसकारियाँ लेने लगी, मैंने उसकी चूची पर ऊपर से दांत मारे, वो धीरे से चिल्लाई, उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और पैंट में से निकाल कर हिलाने लगी। जब मेरा लंड खड़ा हो गया, वो हैरानी से देखने लगी, बोली- मैंने इतना बड़ा और मोटा लंड कहीं नहीं देखा ! आठ इंच का तो होगा?

मैंने कहा- हाँ !वो सुनते ही उस पर टूट पड़ी और आधे से ज्यादा मुंह में भर लिया और दांत मारने लगी। मैं हैरान हो गया, मुझे उसकी चूत चाटने का मौका भी नहीं मिला, वो अन्धाधुंध लण्ड चूसने लगी। मैं भी उसकी चूत सहलाने लगा। वो ज़ोर जोर से चाट रही थी, बीच बीच में दांत भी मार रही थी। थोड़े समय बाद मेरा उसके मुंह में ही निकल गया। मैं कमजोर सा हो गया था पर मैंने फ़िर भी उसकी चूत को अच्छे से मसला और उसका पानी निकाला।



उसके बाद हम बस स्टैंड आ गए, मैंने उसे बस में बैठा दिया, उसने कहा- मुझे तुझसे चुदना है, और जल्दी ही !

वो मेरा नंबर ले गई, उसके बाद उसकी मेरे साथ मैसेज पर बात होनी शुरू हो गई।

एक दिन उसका फ़ोन आया कि रविवार को मेरा पेपर है जालंधर में, परंतु मैं नहीं दूंगी, मुझे तुझसे चुदना है, तुम जगह का प्रबंध कर लेना।

मैंने कहा- ठीक है, आ जा !

रविवार को वो समय पर जालंधर आ गई सुबह दस बजे। मैं उसे अपने दोस्त के घर ले गया जो खाली था उस दिन।

हम अंदर गए, अंदर जाते ही मैंने उसको पागलों की तरह चाटना शुरू कर दिया और उसके बदन में दांत मारने लगा। फ़िर मैं उसे सोने वाले कमरे में ले गया, जाकर उसे नंगा कर दिया पूरा, उसने मुझे नंगा कर दिया उसके लटकते मोम्मे और चूतड़ देख कर मेरा लंड वैसे ही खड़ा हो चुका था, पर मैंने अपने को संभाला और उसके ऊपर लेट कर उसके मुंह में अपनी जीभ घुसा दी, उसकी जीभ चूसने लगा, बीच बीच में उसके होंटों पर दांत भी मार देता। वो तो वासना से पागल हो गई थी, मेरे लंड को हाथ से सहलाने लगी।

फ़िर मैं उसे चूमता चूमता उसके नीचे गया और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और अपनी पूरी जीभ अंदर घुसा दी, बीच बीच में दाने पर दांत भी मारने लगा। उसने अपना पानी छोड़ दिया मैंने सारा पानी चाट लिया।

उसके बाद मैंने उसे फ़िर से गर्म करना शुरू कर दिया और उसके मोम्मे चूसने लगा, साथ में दांत भी मार देता। फ़िर मैं अपना लंड उसके मम्मों के बीच रगड़ने लगा जो उसके मुंह तक जा रहा था, वो भी उसे चूसने लगी।

थोड़े समय बाद मैंने उसको 69 की अवस्था में लेट दिया, वो मेरा लण्ड चूसने लगी, मैं उसकी चूत !

काफी समय बाद उसने कहा- अब चोद भी दे मुझे !



मैं उठा और धीरे धीरे करके अपना आधा और फ़िर पूरा 8 इंच लंबा 3 इंच मोटा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और वो न चिल्लाए इसलिए उसके मुख में अपनी जीभ डाल दी और उसे धीरे धीरे चोदने लगा। वो पहले तो काफी मुश्किल में थी फ़िर वो भी मजा लेने लगी। मैंने अपना मुंह हटा लिया तो वो धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगी। आआ आअह आआआअह आ आआ आह्ह !

फ़िर मैंने उसे कुतिया बनने को कहा, वो बन गई, मैंने उसके कोमल विशाल चूतड़ों को पकड़ा ऊपर उठ कर चूत में लंड घुसाया। इस बार थोड़ा मुश्किल से गया पर चला गया।

तब मैं जोर जोर से उसे चोदने लगा, वो पूरे मजे से चुद रही थी। काफी समय मैं उसको चोदता रहा, वो कई बार झड़ी पर मुझे पता नहीं क्या हो गया था। मैं झड़ नहीं रहा था। जब वो निढाल हो गई तो मैंने उसको लंड चूसने को कहा।मैं उसके ऊपर चढ़ कर उसके मुंह को चोदने लगा। वो पसीने से भर चुकी थी, मेरा निकलने लगा तो मैंने पूछा- कहाँ निकालूँ?

उसने कहा- मुंह में निकाल दे !

मैंने उसके मुंह को अपने माल से भर दिया, बहुत मजा आया, उस दिन शाम को 4 बजे तक मैंने उसे दो बार और चोदा, साथ में नहाए तो बहुत मजा आया।

और हाँ, जाते जाते उसने कहा- सच बताना, तूने गोली खाई थी?

मैंने कहा- नहीं, आज पता नहीं, शायद तेरा योनि रस गोली का काम कर गया !

वो हंसने लगी और बोली- क्या खाता है जो तेरा सामान इतना बड़ा है?

मैंने कहा- 2 दिन और साथ रूक जा, पता लग जायेगा।

उसके बाद उसे मेरे लंड की प्यास लग गई, वो कई बार मुझसे चुदी पर अभी दो महीने से वह नहीं चुद रही क्योंकि उसकी जुलाई में शादी है, वो कह रही है कि शादी तक खतरा नहीं लेना, शादी के बाद जी भर के चुदूँगी।





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