भाभी ने पेंटी खुलवाकर गांड चुदवाई

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अली है और मेरा शरीर पतला और में दिखने में एकदम ठीकठाक लगता हूँ। मेरी उम्र 18 साल है। दोस्तों आज में आप सभी कामुकता के चाहने वालों को मेरा एक अनोखा सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ बहुत विचित्र तरीके से घटी एक सच्ची घटना है। दोस्तों एक दिन में एक साइबर केफे पर बैठा चेटिंग कर रहा था। वैसे तो यह भी मेरा भाभी का दूध सेक्सी कहानियों को पढ़ने के अलावा एक शौक है में उस काम में लगा रहा। उस दिन मेरी छुट्टी थी, इसलिए में बहुत देर तक चेटिंग कर रहा था और उसी समय चेटिंग पर में एक लड़की से गप-शप कर रहा था। मेरी उससे हर कभी बातें होती रहती थी जिसकी वजह से हम दोनों ही बड़े खुश रहते थे, लेकिन उस दिन हम दोनों के साथ बड़ी ही विचित्र घटना घटी। उससे कुछ देर बातें करने के बाद उसने मुझे बताया कि वो दिल्ली से चेटिंग कर रही है। फिर मैंने भी उसको झूठ कह दिया कि में भी गुजरात से चेटिंग कर रहा हूँ और उसके बाद हमारी बात आगे बढ़ती चली गई और अब वो धीरे धीरे सेक्स पर आ गई। थोड़ी देर तक चेटिंग करने के बाद वो मेरे एक हल्के से इशारे पर ही मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार हो गयी।

फिर में उसकी तरफ से चुदाई के लिए हाँ सुनकर मन ही मन बड़ा खुश हुआ और अब मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम मुझे मिनी बताया और उसके बाद उसने मुझसे मेरा नाम पूछा तो मैंने भी उसको अपना नाम बता दिया। अब उसने मुझसे मिलकर बात करने मतलब एक दूसरे के सामने बैठकर बातें करने के लिए कहा। दोस्तों जिसका मतलब बिल्कुल साफ था वो अब मुझसे मिलना चाहती थी। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम हमेशा किस साइबर केफे से चेटिंग करती हो? तो उसने मुझे उस साइबर केफे का नाम बता दिया। में उसकी बात को सुनकर एकदम चकित रह गया क्योंकि दोस्तों में भी उसी साइबर केफे से चेटिंग कर रहा था और यह बात बस में ही जानता था, मैंने उसको नहीं बताया और कुछ देर बातें करने के बाद मैंने उसको बताया कि में भी उसी केफे से उससे चेटिंग कर रहा हूँ। अब वो भी मेरी उस बात को सुनकर बिल्कुल चकित रह गई और उसको मेरी बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था और इसलिए उसने मुझसे मेरे केबिन का नंबर पूछा तब मैंने उसको वो नंबर बता दिया।

दोस्तों मैंने देखा कि करीब दो मिनट में ही एक गोरी चिट्टी बड़ी मस्त सेक्सी बदन की बहुत ही सुंदर लड़की मेरे केबिन के बाहर खड़ी हुई थी। उसने मुझे पहले से ही केबिन के दरवाजे पर बुला लिया था, इसलिए में बाहर आ गया और उससे पूछा क्या तुम मिनी हो? वो मेरी तरफ मुस्कुराती हुई मुझसे बोली कि हाँ आपने एकदम ठीक पहचाना, आओ अब हम यहाँ से बाहर चलते है। फिर हम दोनों उस केफे से बाहर आ गए और हमने बाहर सड़क पर से एक टेक्सी पकड़ ली वो मुझे अपने घर जो वहां से बस कुछ किलोमीटर की दूरी पर था वहां ले गयी। फिर मुझे रास्ते में उससे बातें करने पर पता चला कि वो वहाँ पर एकदम अकेली रहती थी, क्योंकि उसका पति एक प्राइवेट कंपनी में यूके में काम करता था और वो दो महीने में सिर्फ़ तीन चार दिनों के लिए ही अपने घर आता था। फिर मैंने देखा कि उसका घर बहुत ही सुंदर आकार में बड़ा भी बहुत था। उसने मुझे घर के अंदर पहुंचने के बाद सोफे पर बैठने के लिए कहा और फिर वो मुझसे कहकर अपने कपड़े बदलने और मेरे लिए चाय बनाने चली गयी। उसके बाद मुझे वहां पर बैठे हुए करीब दस मिनट बीत चुके थे तो में अब बहुत बेचैन होने लगा था। में सोचने लगा था कि वो इतनी देर तक अंदर ऐसा क्या कर रही है? फिर मैंने टीवी को चालू कर दिया और में अपना समय बिताने के लिए उसमे एक फिल्म देखने लगा।

फिर करीब 15 मिनट के बाद वो मेरे लिए चाय बनाकर लेकर आ गई। दोस्तों तब मैंने देखा कि उसने उस समय केवल ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। फिर मैंने देखा कि उसका बदन गदराया हुए एकदम गोरा था। वो बहुत ही सुंदर और हॉट, सेक्सी लग रही थी। उसने मेरे सामने आकर उस चाय को टेबल पर रख दिया और अब वो सीधा मेरी गोद में आकर बैठकर चाय बनाने लगी, उसने मुझे चाय दी और वो खुद मेरी गोद में ही बैठकर चाय पीने लगी में उसकी इन हरकतों से बहुत चकित था, क्योंकि मुझे विश्वास नहीं था कि वो इतने खुले विचारों की है, लेकिन मुझे बाद में पता चला कि वो अपनी चुदाई के लिए तरस रही है, इसलिए वो मेरे साथ यह सब कर रही थी।

दोस्तों उसके मेरी गोद में बैठने से में अब बहुत जोश में आ गया और मैंने मन ही मन में सोचा कि जब यह खुद ही अपनी मर्जी से मुझसे अपनी चुदाई करवाना चाहती है तो मुझे इसकी चुदाई करने में किसी भी तरह की कोई भी आपत्ति नहीं थी और में ख़ुशी से उसके साथ उस काम में लग गया। अब मेरा लंड उसका वो गोरा कामुक बदन देखकर तनकर खड़ा हो गया था। वो धीरे धीरे उसको झटके दे रही थी और में अपने एक हाथ से उसके बूब्स को सहलाने लगा और उसी समय उसने भी मेरे खड़े लंड को अपनी गरम जांघो के बीच में महसूस किया और अब वो चाय पीते हुए अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी, जिसकी वजह से मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। फिर करीब दो मिनट में ही हम दोनों ने चाय को अब खत्म कर दिया और उसके बाद वो मेरे ऊपर से हट गयी। उसने मुझसे कहा कि मैंने तो अपने सारे कपड़े निकाल दिए है, लेकिन तुमने अभी तक अपने कपड़े पहन रखे है क्या तुम अपना आगे का काम कपड़े पहनकर ही करोगे? चलो अब तुम भी अपने कपड़ों को उतार दो। फिर मैंने भी उसके कहने पर बस अपनी अंडरवियर को छोड़कर बाकि सारे कपड़े उसी समय उतार दिए। फिर उसके बाद वो एक बार फिर से मेरी गोद में आकर बैठ गयी और अब वो मुझे चूमने लगी।

मैंने भी उसके गुलाबी होठों को चूमना शुरू कर दिया, तब मैंने महसूस किया कि उसके होंठ बहुत ही नरम होने के साथ साथ गरम भी थे और में उसकी पीठ पर अपना हाथ घुमाने लगा और वो भी मेरे होठों को चूमते हुए मेरी पीठ को सहलाने लगी। दोस्तों उस समय मेरा लंड एकदम तनकर उसकी चूत से सटा हुआ था, लेकिन बीच में बस उसकी पेंटी थी। मैंने उसकी पेंटी को नीचे करना चाहा तो वो मुझसे बोली कि पहले तुम अपनी अंडरवियर को नीचे उतारो, उसके बाद तुम मेरी पेंटी को उतार देना, में तुमसे कुछ भी नहीं कहूंगी अब मैंने अपनी अंडरवियर को उतारने के बाद उसकी पेंटी को भी उतार दिया। उसके बाद मैंने बिना देर किए उसकी ब्रा को भी खोलकर एक कोने में फेंक दिया, जिसकी वजह से अब हम दोनों एक दूसरे के सामने एकदम नंगे थे और फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले जाकर बैठा दिया। मैंने उसके होठों को चूमना और उसकी गोरी चिकनी पीठ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा और उसको जोश आ रहा था। फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जीभ को उसके मुहं में डाल दिया और घुमाने लगा। अब मेरे जीभ को उसके मुहं से बाहर निकालने के बाद उसने भी मेरे साथ ठीक वैसा ही किया और वो बहुत मज़े से मेरे होठों को चूस रही थी। फिर मेरी पीठ पर अपना हाथ भी घुमा रही थी, थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया। फिर वो मुझसे एकदम से लिपट गयी और मैंने देखा कि उसकी चूत एकदम साफ और चिकनी थी। मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरते फेरते अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया।

दोस्तों तब मैंने छूकर महसूस किया कि उसकी चूत एकदम गीली, गरम थी। फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपनी पूरी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और अब में धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा। फिर कुछ देर बाद उसने भी मेरा लंड अपने एक हाथ में पकड़ लिया और वो उसको धीरे धीरे सहलाने लगी। फिर करीब पांच मिनट में ही हम दोनों एकदम जोश में आ गए। मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया, मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत के बीच में रख दिया। तभी उसने अपने कूल्हों को ऊपर की तरफ उठा दिया और मैंने भी अपनी तरफ से उसको एक जोरदार धक्का लगा दिया और मेरा आधा लंड उसकी चूत को चीरता फाड़ता हुआ अंदर घुस गया। अब वो आईईईई स्सीईईई प्लीज कहती हुई मुझसे कहने लगी, अब तुम जल्दी से डाल दो अपना पूरा का पूरा लंड मेरी इस प्यासी चूत में और तुम मुझे आज बहुत जमकर चोदो, तुम आज मेरी इस तरह से चुदाई करो कि जैसे मेरे पति ने कभी मेरी ना की हो, तुम मुझे बहुत ज़ोर ज़ोर से जमकर चोदना, मेरी चूत को आज तुम फाड़ देना, तुम बिल्कुल भी मत रुकना और मेरे दर्द की परवाह बिल्कुल भी मत करना। फिर मैंने उसकी वो जोश भरी बातें सुनते हुए ही अपनी तरफ से एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।

उसी समय उसने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर पर कसकर लपेट दिया और कहने लगी हाँ ऐसे ही लगे रहो, वाह मज़ा आ गया, जैसी मुझे उम्मीद थी तुम्हारे लंड में उससे भी ज्यादा दम और तुम्हारे अंदर भी वैसा ही जोश है। तुम अपनी इस पहली परीक्षा में पास हुए हाँ ऐसे ही लगे रहो। अब मैंने भी जोश में आकर अपने धक्को के साथ उसकी चुदाई को तेज़ी के साथ शुरू कर दिया था। फिर वो अब पूरे जोश में आकर मुझसे बोलने लगी आह्ह्हह्हह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है चोदो मेरे राजा फाड़ डालो आज तुम इस कुतिया की चूत को आह्ह्ह्ह हाँ और तेज़ तेज़ हाँ डालो पूरा अंदर तक, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है तुम बहुत अच्छे से कर रहे हो, जाने दो पूरा अंदर तक, तुम आज बिल्कुल भी मत रुकना। अब में उसके इस तरह से लगातार ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेकर चिल्लाने की वजह से और भी ज्यादा जोश में आ गया और में उसको अब एकदम तूफान की तरह धक्के देकर चोदने लगा था, जिसकी वजह से उसके बूब्स के साथ साथ वो बेड भी ज़ोर ज़ोर से हिल रहा था और उस समय हम दोनों ही उस जोश मस्ती में आकर पूरी तरह से सातवें आसमान में पहुंच चुके थे और इस बीच मैंने अपना लंड पूरा बाहर निकाला और वापस एक ज़ोर के झटके में ही दोबारा मैंने उसकी चूत में अपने लंड को डाल दिया, जिसकी वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी और उसने मुझे और भी ज़ोर से कसकर पकड़ लिया और वो मुझसे लिपट गयी। वो पूरे जोश में आ गयी थी और अब वो झड़ने ही वाली थी और फिर मेरे आठ दस धक्को के बाद वो झड़ गई, लेकिन मुझे अब भी इतनी कोई जल्दी नहीं थी इसलिए मैंने अपनी पोज़िशन को बदल दिया और मैंने उसको अब डॉगी स्टाइल में कर दिया। उसके बाद में उसके पीछे आ गया।

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर उसकी चूत की दोनों पंखुड़ियों के बीच में रख दिया और एक ही धक्के में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मैंने अपनी एक उंगली को भी उसकी गांड में डाल दिया और में बहुत ही तेज़ी के साथ धक्के देकर उसकी चुदाई करने लगा। में उसको इतनी तेज़ से चोद रहा था कि वो अपने को संभाल नहीं पा रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी उफ्फ्फ् प्लीज और भी ज़ोर से चोदो मेरे राजा मुझे आज, तुम मेरी इस चूत की चटनी बना डालो, अपना पूरा लंड इसमे डालकर बहुत ज़ोर ज़ोर से चोदो और मुझे अपने लंड के पानी से मेरी इस प्यासी चूत को तुम आज अच्छी तरह से सींच दो, मुझे इस चूत ने बहुत दिनों से बड़ा परेशान कर रखा है, मेरा पति दो महीने में केवल चार पांच बार ही मुझे चोद पाता है जिसकी वजह से में हमेशा भूखी ही रह जाती हूँ, लेकिन आज तुम मेरी चूत का घमंड एकदम चूर चूर कर दो, क्योंकि तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो, आज मुझे इस चुदाई में जो मज़ा आ रहा है उतना मुझे अपने पति से चुदाई करवाने में कभी नहीं आया और इस चुदाई को में अपनी पूरी जिंदगी भर याद रखूँगी। मेरे पति ने मुझे कभी इतना मज़ा नहीं दिया जितना आज तुमने मुझे दिया है और अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है, तुम अपने लंड का पानी जल्दी से मेरी इस चूत में निकाल दो।

दोस्तों मैंने अब उसको बहुत ज़्यादा जोश में देखा तो मैंने अपनी उस पूरी उंगली को उसकी गांड में डाल दिया जिसके दर्द की वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी ऊउईईई उफ्फ्फ्फ़ यह तुम क्या कर रहे हो? मुझे बड़ा दर्द हो रहा है आह्ह्हह्ह प्लीज में मर जाउंगी, प्लीज तुम ऐसा मेरे साथ मत करो आईईईई माँ मुझ में इतनी ताक़त नहीं है कि में अपने दोनों छेद में एक साथ बर्दाश्त कर पाऊँ। फिर मैंने उसका वो दर्द से छटपटाना चिल्लाना देखकर धक्के बंद करके अपने एक हाथ से मैंने उसके बूब्स को मसलना शुरू कर दिया तो वो कुछ देर बाद धीरे धीरे शांत हो गयी और कुछ देर बाद मैंने देखकर महसूस किया कि वो अब अपने कूल्हे को तेज़ी से आगे पीछे करते हुए मेरे लंड को धक्के देने लगी, जिसकी वजह से में तुरंत समझ गया कि वो अब ठीक है। फिर उसका दर्द चला गया और यह बात सोचकर मैंने भी अपनी तरफ से उसको धक्के देने शुरू किए और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी। अब तक मुझे उसको चोदते हुए करीब तीस मिनट बीत चुके थे और अब मेरा भी वीर्य कुछ देर में निकलने वाला था, इसलिए में उसको अब अपनी पूरी ताक़त के साथ और तेज़ी से चोदने लगा था।

फिर करीब दो मिनट में ही मेरा गरम गरम वीर्य निकल गया, जिससे उसकी चूत अब भरने लगी थी। दोस्तों मैंने महसूस किया कि मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर निकलते ही वो एकदम शांत हो गयी, जैसे उसकी प्यासी चूत को पानी मिल गया हो और वो उसको पाकर बहुत खुश संतुष्ट नजर आ रही थी और इस चुदाई के दौरान उसकी चूत से भी करीब दो बार पानी भी निकल चुका था। अब मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तब देखा कि उसकी चूत एकदम सूज चुकी थी, क्योंकि मेरा लंड शायद उसके पति के लंड से मोटा और लंबा था, इसलिए उसकी चूत की यह हालत हुई थी और उसके बूब्स भी मेरे मसलने दबाने की वजह से एकदम लाल हो गए थे। में उसके पास में लेट गया और हम दोनों थोड़ी देर तक वैसे ही लेटे रहे। फिर करीब 15 मिनट बाद ही वो एक बार फिर से अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार हो गयी और वो अब अपनी चूत को साफ करने के लिए बाथरूम में जाना चाहती थी, लेकिन वो अब ठीक तरह से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। उसकी चूत में बहुत दर्द था और यह सब मेरे मोटे लंड का असर था।

भाभी का दूध

फिर मैंने उसको अपनी बाहों का सहारा देकर खड़ा किया और उसको में बाथरूम में ले गया बाथरूम में जाकर उसने पहले मेरा लंड साबुन लगाकर साफ किया और उसके बाद वो अपनी चूत को भी पानी डालकर धोने लगी थी। उसके धो लेने के बाद हम दोनों वापस बाथरूम से बाहर आ गए उसके बाद वो कमरे में आकर बेड के किनारे पर एक तकिया रखकर बैठ गयी। मैंने उसके सारे कामुक बदन को चूमना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो दोबारा उसी जोश में आने लगी थी और उसके बाद मैंने उसकी चूत को चूमना शुरू किया जिसकी वजह से वो एकदम मस्त हो गयी मैंने महसूस किया कि जोश की वजह से उसकी चूत एकदम गरम हो गयी थी। मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और में घूमने लगा, तो वो जोश में आकर बिल्कुल पागल सी होने लगी थी और उसने उसी समय मेरे सर को कसकर पकड़ लिया और अपनी चूत पर दबाने लगी। वो अब एकदम स्वर्ग का मज़ा ले रही थी और में भी अपनी जीभ से उसके दाने को टटोलकर मज़े ले रहा था। अब वो मुझसे बोली उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से चाटो मेरे राजा। मेरे पति ने कभी मेरी चूत को नहीं चाटा, इसलिए में बहुत खुश नसीब हूँ कि मुझे अपनी चूत को आज पहली बार चुदाई के साथ साथ चटवाने का मज़ा भी मिल रहा है। आज तुम मेरी इस चूत को चाट चाटकर इसका पानी निकल दो आह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, हाँ और ज़ोर से बस अब मेरा पानी निकालने ही वाला है आईईईइ में गइई और तेज़ तेज़, दोस्तों थोड़ी देर तक उसकी चूत को चाटने के बाद वो झड़ गयी और मैंने उसकी चूत से निकला हुआ सारा गरम लावा चाट लिया। फिर उसके बाद मैंने एक क्रीम लेकर उसकी गांड के छेद पर लगा दिया, जिसकी वजह से भी अब बहुत चिकनी हो गई थी। फिर क्रीम को लगाने के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा तो वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज में आज पहली बार अपनी गांड को मरवाने जा रही हूँ, प्लीज तुम ज़रा धीरे धीरे करना वरना में मर ही जाउंगी।

फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और अब मैंने अपना लंड उसकी गांड में धीरे धीरे धक्के देकर डालना शुरू किया तो वो सिसकियाँ भरने लगी। अभी तक केवल मेरा टोपा ही उसकी गांड में घुसा था, क्योंकि वो बहुत टाईट थी इसलिए मैंने अब थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरा लंड उसकी गांड में करीब दो इंच तक घुस गया, लेकिन वो उस दर्द की वजह से रोने लगी और मैंने उसी समय तुरंत अपना लंड बाहर निकाल लिया, लेकिन वो कुछ समझ नहीं सकी। अब मैंने अपना लंड एक बार फिर से उसकी गांड के छेद पर रखा और अपनी पूरी ताक़त के साथ मैंने एक ज़ोर का धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया।script type=”text/javascript”>
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फिर वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने और रोने लगी वो अपनी गांड को आगे पीछे करके लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मेरी मजबूत पकड़ की वजह से वो ऐसा नहीं कर सकी और मैंने उसके दर्द की कोई भी परवाह नहीं की और मैंने अपनी पूरी ताक़त के साथ एक ज़ोरदार धक्का और मार दिया, जिसकी वजह से मेरा बचा हुआ बाकि का पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया, लेकिन वो अब पहले से भी बहुत ज्यादा ज़ोर से चिल्लाने लगी थी और वो अपने सर के बाल पकड़कर नोचने लगी। में रुका नहीं और मैंने अपना लंड उसकी गांड में तेज़ी के साथ अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से थोड़ी ही देर के बाद उसका दर्द अब कम हो गया और उसको अपनी गांड मरवाने में भी अब बड़ा मज़ा आने लगा था। वो तेज़ी के साथ अपने कूल्हों आगे पीछे करते हुए मुझसे अपनी गांड मरवाने लगी। फिर करीब तीस मिनट के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया और जब मेरे लंड का पूरा पानी निकल गया तो मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकालकर देखा उसकी गांड अब एकदम चौड़ी हो चुकी थी और उसके बाद हम दोनों शांत होकर चिपककर लेट गये और आराम करने लगे। उसने उस दिन मुझे मेरे घर नहीं जाने दिया और वो पूरी रात को मुझसे अपनी चुदाई करवाती रही। मैंने उस रात को उसकी करीब चार बार चुदाई के मज़े लिए और दो बार मैंने उसकी गांड भी मारी ।।